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महानिदेशक का संदेश

दिनांक 30 सितम्बर 2017 को मैंने गर्व और विनम्रता की भावना से महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल का कार्यभार ग्रहण कियाI सशस्त्र सीमा बल एक समर्पित, दक्ष और विशिष्ट केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जिसका नेतृत्व करना मेरे लिए सम्मान की बात हैI

मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि बल बहुत ही कम समय में, निर्बाध रूप से “विशेष सेवा ब्यूरो” से “सशस्त्र सीमा बल” में कायांतरित हुआ हैI सशस्त्र सीमा बल को भारत-नेपाल व् भारत-भूटान सीमा की रक्षा का दायित्व सौंपा गया हैI इसके अलावा सशस्त्र सीमा बल बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखण्ड राज्यों में वामपंथी उग्रवादियों के विरुध्द एवं जम्मू और कश्मीर में आतंरिक सुरक्षा ड्यूटी का भी निर्वहन पूरी निष्ठा व अनुशासन के उच्च मापदण्डों पर कर रहा हैI

बल को चुनौतीपूर्ण, खुली और निर्बाध आवागमन वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा व् प्रबंधन का कार्यभार सौंपा गया हैI बल को सीमावर्ती आबादी के साथ सौहार्द व् मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखते हुए देश की अखंडता को सुरक्षित रखना होगाI एसएसबी चार्टर ने हमारे कंधो पर महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है, जिसमे हमें मानकों पर कोई समझौता किये बिना अपने कार्यो को निष्पादित करना होगाI

हमारे जवान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों  में कार्य कर रहे है, अतः एसएसबी जवानों का कल्याण मेरी प्रमुख प्राथमिकताओ में से एक होगाI बल के तीव्र विस्तार से पर्याप्त बुनियादी ढांचे में अभी कमी हैI मेरी प्राथमिकता बल की बाह्य सीमा चौकी तक बुनियादी ढांचागत आवश्यकताओं को मजबूत करने की होगीI

बल के आधुनिकीकरण और क्षमता निर्माण की प्रक्रिया पहले से ही चल रही हैI हमें प्रशिक्षण, प्रचालन गतिशीलता, प्रशासन क्षमता आदि को बढाने के लिये प्रयत्नशील रहना होगा, जिससे हम उभरती हुई नई चुनौतियों का सामना पूरी दक्षता के साथ करने में समर्थ हो सकेंI सशस्त्र सीमा बल को देश की आधुनिक, जिम्मेदार, भरोसेमंद व् उत्कृष्ट सीमा रक्षक बल बनाने के लिए हमे स्वंय को हमेशा तैयार रखना होगाI साथ ही संगठन की गरिमा को नई ऊचाईयों तक ले जाने के लिए हमें अपने सामूहिक प्रयासों को एक दिशा देनी होगीI

मैं बल के सभी अधिकारियों और कार्मिकों से आपसी तालमेल व् सामंजस्य बनाए रखने का आग्रह करता हूँI मेरी आप सभी से, विशेष रूप से सभी अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे अपने अधीनस्थ कार्मिकों की देखभाल करें और उन्हें कामकाज के सभी पहलुओं में एक अच्छा नेतृत्व देंI सभी अधिकारी खुद को प्रचालन की हर गतिविधियों में शामिल करें, साथ ही बीओपी स्तर तक कार्य की स्थितियों को बेहतर बनाने पर पूर्ण ध्यान केन्द्रित करेंI

मुझे विश्वास है कि हम राष्ट्र सेवा व् सुरक्षा के लिए हर तरह की चुनौतियों का सामना हर संभव सर्वोतम तरीकों से करेंगे एवं “सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व” के हमारे आदर्श वाक्य को सदैव कायम रखेंगेI   

 

जय हिन्द