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प्रेस विज्ञप्ति

नईदिल्ली(18 सितंबर 2017)- बदलती हुई भू-राजनैतिक व्यवस्था में दीर्घकालिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए हाल ही में भारत सरकार ने बल के लिए समर्पित आसूचना तंत्र के लिए 650 वर्दीधारी अतिरिक्त नये पदों की सृजन करने की मंजूरी दी है। आज दिनांक 18.09.2017 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में माननीय केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने एसएसबी की खुफिया तंत्र का उद्घाटन, “WARB” मोबाइल एप्लिकेशन का लोकार्पण एवं एसएसबी के शहीदों के आश्रितों के लिए "संरक्षण" योजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर माननीय राज्य मंत्री (गृह) श्री हंसराज गंगाराम अहिर, श्री राजीव जैन, आईपीएस, निदेशक खुफिया ब्यूरो भी उपस्थित थे।

श्रीमती अर्चना रामासुंदरम, महानिदेशक सशस्त्र सीमा बल ने अपने संबोधन में माननीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह और उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों को बहुमूल्य समय निकालकर आसूचना तंत्र के उद्घाटन, “WARB” मोबाइल एप्लिकेशन का लोकार्पण एवं एसएसबी के शहीदों के आश्रितों के लिए "संरक्षण" योजना का उद्घाटन समारोह में उपस्थित होने के लिए धन्यवाद ज्ञापन कियाI महानिदेशक एसएसबी ने अपने संबोधन में कहा कि एसएसबी को भारत-नेपाल और भारत-भूटान की सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई। ये दोनों ही सीमाएँ खुली हुई है ओर दोनों ओर के नागरिकों को एक दूसरे देश में आवागमन पर कोई प्रतिबंध नही हैं। दोनों पक्षों की सीमावर्ती जनसंख्या में मजबूत क्षेत्रीय, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। यह काफी आवश्यक हो गया था, क्योंकि एसएसबी के संचालन को खुफिया तंत्र के साथ मिलकर चलाया जाये  ताकि अपराधियों और तस्करों को नेपाल और भूटान के सीमावर्ती सम्बन्ध का फायदा उठाने से रोका जा सके। गृह मंत्रालय ने तदनुसार बटालियन से बल मुख्यालय तक के विभिन्न रैंकों में 650 पदों को मंजूरी दी हैI पूर्व कार्मिकों की शिकायतों को दूर करने, उन्हें "प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना" के तहत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त करने,  पुनः रोजगार देनें में उनके कल्याण एवं पुनर्वास बोर्ड, द्वारा निर्मित यह मोबाईल आधारित एप्प निश्चित तौर पर केन्द्रीय सशस्त्र बलों के भूतपूर्व कार्मिकों के लिए मददगार साबित होगी। एसएसबी की महिला कल्याण संघ "संदीक्षा" ने शहीदों के बच्चों को मदद करने के लिए काम किया है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में माननीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह धारणा है कि चीन, पाकिस्तान और बंग्लादेश सीमा की सुरक्षा करना कठिन कार्य है, परन्तु मैंने यह देखा कि नेपाल और भूटान की खुली सीमा की सुरक्षा करना सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य है क्योंकि यहाँ खुली सीमा होने के कारण कोई भी समाज विरोधी और राष्ट्रविरोधी तत्व आसानी से कही से भी सीमा लाँघ सकते हैI एसएसबी इसका दायित्व बखूबी से निभा रही हैI राष्ट्रभावना किसी दुकान से खरीदी नहीं जा सकती है, यह जन्मजात पैदा होती हैI सेना में आने वाले जवान राष्ट्र भावना सीने में लेकर पैदा होते हैI

उन्होंने यह भी कहा कि भारत के माननीय प्रधान मंत्री ने महानिदेशक और महानिरीक्षको  के अंतिम सम्मेलन में शहीदों की ई-किताब की शुरुआत करने के लिए कहा थाI अब उसकी हार्ड कॉपी लांच हुई है, मै इसकी भूरी भूरी प्रसंशा करता हूँI उन्होंने महानिदेशक एसएसबी और बल का उत्कृष्ट कार्य के लिए सराहना कीI

उन्होंने सशस्त्र सीमा बल के कर्मियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल में संयम बरतने की सलाह दी और साथ ही कहा की किसी को भी अग्रेषित करने से पहले हमेशा सामग्री की प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें।

पिछले साल से शहीदों के परिवारों को वित्तीय क्षतिपूर्ति 1 करोड़ रूपए तक बढ़ाई गई हैI सरकार शहीदों के परिवार की आवश्यकताओं के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सरकार जल्द ही कुछ और उठाने जा रही हैI उन्होंने यह भी आह्वाहन किया कि सीएपीएफ के प्रत्येक अधिकारी कम से कम एक शहीद के परिवार को अपनाये और उनकी देखभाल करेI

एसएसबी वाइव्स कल्याण संगठन “संदिक्षा” को 18 एसएसबी शहीदों के 28 बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रयास की के लिए भी सराहना की। उन्होंने श्रीमती अर्चना रामासुंदरम, डीजी एसएसबी के कुशल नेतृत्व में एसएसबी की प्रगति के कामना के साथ अपने संबोधन को समाप्त किया।

माननीय राज्य मंत्री (गृह) श्री हंसराम गंगाराम अहिर ने अपने संबोधन में एसएसबी को नई खुफिया तंत्र के संचालन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सेवानिवृत्त व्यक्तियों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए “WARB” एप्लीकेशन औरे संरक्षण योजना को लागु करने के लिए डीजी एसएसबी की सराहना की।

श्री राजीव जैन, आईपीएस, निदेशक आईबी ने नए आसूचना तंत्र के लिए एसएसबी को बधाई दी तथा देश में अंतःस्थापित आसूचना समुदाय में एसएसबी की स्वागत कियाI

श्री एसएस देसवाल, अतिरिक्त महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन  किया गया।

 



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